Bhajan:- Om Tryambakam Yajamahe Sugandhi Pushtivardanam
Album:- Mahamrityunjay Mantra 108 Times
Artist:- Anuradha Paudwal
Credit:- T-Series Music
Audio Type:- MP3

 

ॐ त्र्यम्बक यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धन्म।

उर्वारुकमिव बन्धनामृत्येर्मुक्षीय मामृतात्।।

 

महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ

ओम् :- पावन शब्द
त्रयंबकम् :- (तीन) त्रि-नेत्रों वाला
यजामहे :- हम पूजते हैं, सम्मान करते हैं
सुगंधिम :- सुगंधित
पुष्टिः :- समृद्ध जीवन की परिपूर्णता
वर्धनम् :- जो धन, सुख, आनंद बढाते हैं
उर्वारुकम :- ककड़ी (कर्मकारक)
इव :- उसी तरह
बन्धनात :- बंधन से / तने से
मृत्योरमोक्षीय :- मृत्यु से मुक्ति दें, स्वतंत्र कर दें
मामृतात :- मृत्यु के चक्कर से (अमृत समान) मुक्त कर दें

इस मंत्र का मतलब है कि हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, जिनके तीन नेत्र हैं, जो हर श्वास में जीवन शक्ति का संचार करते हैं और पूरे जगत का पालन-पोषण करते हैं।

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