उत्तराखंड सरकार में वन और लोक निर्माण विभाग ने रोपवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है, कोरोना काल में 2 साल तक केदारनाथ धाम के दरबार तक पहुंचने की राह मुश्किल कर दी हो, परन्तु जब इस साल यात्रा शुरू हुई तो रिकॉर्ड कायम हो गया. 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अभी तक बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं. केदारनाथ धाम के कपाट 27 अक्टूबर को बंद होगा.

आठ घंटे की पैदल दूरी रोपवे से 30 मिनट में होगी पूरी

केदारनाथ धाम और सोनप्रयाग के बीच रोप वे परियोजना के लिए उत्तराखंड सरकार ने मंजूरी दे दी है. रोप वे की परियोजना से सोनप्रयाग और केदारनाथ की दूरी केवल 30 मिनट में पूरी हो सकेगी. उस यात्रा को पैदल से तय करने में आमतौर पर लगभग 8 से 12 घंटे लगते हैं. रोप-वे की सुविधा यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी.

सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम की दूरी 13 किमी होगी, रोप वे समुद्र तल से 3,500 मीटर (11,500 फीट) की ऊंचाई पर दुनिया के सबसे ऊंचे रोपवे में से एक होगा. जिसका निर्माण केंद्र सरकार की पर्वतमाला परियोजना के तहत होगा, और इस रोपवे को बनाने में लगबग 1,200 करोड़ रुपये लगेंगे. अगले साल मार्च तक निर्माण काम शुरू होने की संभावना है. रोपवे निर्माण में 3 साल का समय लग जाएगा.

हर साल केदारनाथ धाम में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं, रोप वे परियोजना पूरा होने के बाद भविष्य में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है.

 

Hindustan View 18/10/2022

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